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किसानों के खेत से लेकर खातों तक सरकार की चिंता, कवच योजना से हजारों किसानों को मिलेगा राहत: मुख्यमंत्री मोहन यादव – India Times Group

नर्मदापुरम/भोपाल।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार कृषक कल्याण वर्ष के तहत किसान हितैषी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचा रही है। सरकार किसानों के खेतों से लेकर उनके बैंक खातों तक हर जरूरत का ध्यान रख रही है। सिंचाई, बिजली, खाद-बीज, कृषि यंत्र, फसल बीमा, किसान सम्मान निधि और ब्याज मुक्त ऋण जैसी सुविधाएं किसानों तक प्रभावी रूप से पहुंचाई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने यह बात नर्मदापुरम में आयोजित 11वें बलराम कृषि महोत्सव को मंत्रालय भोपाल से वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कही।


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में ऐतिहासिक ‘कवच योजना’ को मंजूरी दी है।

उन्होंने बताया कि यह योजना उन किसानों के लिए राहत लेकर आई है, जिनके सहकारी खातों में पुरानी तकनीकी गड़बड़ियों या लंबित जांच के कारण उन्हें नया कृषि ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था।

अब ऐसे किसानों को मुख्यधारा में लाकर:

  • नया कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
  • सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिलेगा।
  • सहकारी व्यवस्था में लंबित समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों को केवल उत्पादन तक ही नहीं बल्कि उचित मूल्य दिलाने तक उनके साथ खड़ी है।

उन्होंने बताया कि:

  • रिकॉर्ड 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं की एमएसपी और बोनस के साथ खरीदी की गई।
  • सोयाबीन किसानों को भावांतर योजना का लाभ मिला।
  • अब सरसों और धान को भी भावांतर योजना में शामिल किया गया है।
  • पहली बार श्रीअन्न (कोदो-कुटकी) की एमएसपी पर खरीदी कर बोनस दिया गया।
  • पात्र किसानों के लिए मूंग उपार्जन सीमा 25% से बढ़ाकर 60% कर दी गई।

मुख्यमंत्री ने किसानों से पारंपरिक खेती के साथ-साथ फसल विविधीकरण अपनाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि:

  • पशुपालन
  • मत्स्य पालन
  • डेयरी
  • उद्यानिकी

भविष्य की कृषि अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं।

राज्य सरकार ने प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में 20 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य तय किया है और इसके लिए दुग्ध समितियों का गठन किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए बताया कि अब सहकारी खातों के निपटारे की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है।

  • पहले हर छह महीने में खाते निपटाए जाते थे।
  • अब साल में एक बार खाते निपटाए जाएंगे।
  • 31 मार्च तक भुगतान की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है।
  • किसान अपनी सुविधा के अनुसार राशि जमा कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में आधुनिक खेती और उद्यानिकी को बढ़ावा दिया जा रहा है।

विशेष रूप से नर्मदापुरम जिले में:

  • आम
  • अमरूद
  • संतरा
  • अनार
  • नींबू
  • केला

जैसी फसलों की अपार संभावनाएं हैं।

सरकार द्वारा:

  • फलों के बाग लगाने पर अनुदान
  • नर्सरी स्थापना पर सहायता
  • पॉलीहाउस और शेडनेट हाउस पर प्रोत्साहन
  • फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने पर 50 प्रतिशत सब्सिडी
  • महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना का लाभ

प्रदान किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदापुरम रेशम नगरी के रूप में देशभर में पहचान रखता है।

उन्होंने कहा कि:

  • उच्च गुणवत्ता का रेशम
  • शरबती गेहूं
  • बासमती चावल

इस जिले की विशेष पहचान हैं।

उन्होंने बताया कि:

  • बाबई-मोहासा औद्योगिक क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है।
  • कटनी में लॉजिस्टिक्स पार्क बनाया जाएगा।
  • पिपरिया और पचमढ़ी के स्थानीय निवासियों की समस्याओं का समाधान भी सरकार ने किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव किसानों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने का मंच है।

  • अब तक 20 जिलों में 10 आयोजन हो चुके हैं।
  • नर्मदापुरम में 11वां आयोजन आयोजित किया गया।
  • सरकार खेत से बाजार तक किसानों के साथ खड़ी है।

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