बलिया में आभूषण कारोबारी से लूट का खुलासा, छह गिरफ्तार; तीन आरोपितों की तलाश जारी
बलिया। नरही थाना क्षेत्र में आभूषण कारोबारी से हुई लूट की वारदात का पुलिस ने छह दिन बाद खुलासा कर दिया। सर्विलांस, स्वाट और नरही पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 86,400 रुपये नकद, दो मोटरसाइकिल, आठ मोबाइल फोन, दो जोड़ी पायल, दो नाक की कील, एक तमंचा, .315 बोर के दो कारतूस और दो चाकू बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक वारदात में कुल नौ लोग शामिल थे। इनमें से तीन अभी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जांच के दौरान बिहार निवासी आभूषण कारोबारी लड्डू सेठ उर्फ चंद्र प्रकाश वर्मा की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस का आरोप है कि उसने कथित तौर पर लूट की साजिश में मदद करते हुए आरोपितों को दुकान और आने-जाने के रास्ते की जानकारी दी थी। पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के जरिए इस भूमिका की पुष्टि कर रही है।
पुलिस के अनुसार 15 अगस्त की शाम उजियार निवासी आभूषण कारोबारी आशीष वर्मा दुकान बंद कर अपने बेटे के साथ मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। भरौली-गाजीपुर मार्ग पर करीब साढ़े सात बजे दो मोटरसाइकिलों से पहुंचे बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। कारोबारी के पास मौजूद बैग में आभूषण और नकदी थी, जिसे बदमाश छीनकर फरार हो गए। मामले में 16 अगस्त को नरही थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपितों ने वारदात से पहले 13 अगस्त को कारोबारी की दुकान और उसके घर जाने वाले रास्ते की रेकी की थी। पुलिस के अनुसार विकास प्रधान, राजू चौरसिया, कृष्ण कुमार उर्फ धनु यादव और अमन महतो दो मोटरसाइकिलों से मौके पर पहुंचे और बैग छीनने की वारदात को अंजाम दिया। वहीं अन्य आरोपितों पर रेकी और मुखबिरी में सहयोग करने का आरोप है।
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देश पर सर्विलांस और स्वाट टीम ने घटनास्थल से लेकर कारोबारी की दुकान और घर तक के रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही डंप डाटा और वीटीएस डाटा का भी विश्लेषण किया गया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने नौ संदिग्धों को चिह्नित किया और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी।
इसी क्रम में 20 अगस्त की रात करीब 9:05 बजे बघौना मोड़ के पास घेराबंदी कर दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार आरोपितों को पकड़ा गया। पूछताछ के बाद दो अन्य आरोपितों को भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार राजू चौरसिया के खिलाफ पहले से हत्या के प्रयास, डकैती की तैयारी और लूट से जुड़े मामले दर्ज हैं। वहीं मदन कुमार वर्मा के खिलाफ बिहार में बैंक लूट समेत कई आपराधिक मामले बताए गए हैं। अन्य आरोपितों के खिलाफ भी चोरी, हत्या और शस्त्र अधिनियम से जुड़े मामलों की जानकारी पुलिस को मिली है। इनका आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।
पुलिस ने गिरफ्तारी, बरामदगी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में बीएनएस की धारा 61(2) क और 317(2) की बढ़ोतरी की है। फरार तीन आरोपितों की गिरफ्तारी के साथ पुलिस लूट की पूरी साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस अधीक्षक ने मामले का खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
