दहेज हत्या के मुकदमे में वांछित युवक की हत्या, यमुना में फेंका शव; दो आरोपी गिरफ्तार
प्रयागराज। दहेज हत्या के मामले में वांछित चल रहे मोनू कुशवाहा की कथित तौर पर अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। आरोप है कि वारदात को अंजाम देने के बाद उसके शव को कौशांबी जिले में महिलाग्राम घाट के पास यमुना नदी में फेंक दिया गया। पुलिस ने मामले में मोनू के भाई के ससुर नेम सिंह और उसके भतीजे पुनीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने हत्या की बात कबूल करने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस अब यमुना नदी में शव की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चला रही है। इससे पहले 25 अगस्त को मोनू के परिजनों ने उसकी बरामदगी की मांग को लेकर थाने पहुंचकर हंगामा किया था।
पुलिस के मुताबिक, मोनू के भाई की शादी संदीपनघाट थाना क्षेत्र की एक युवती से हुई थी। कुछ समय पहले महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मायके पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मामले में मोनू के भाई, उसकी मां समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
इसी मुकदमे में मोनू भी वांछित चल रहा था। करीब एक सप्ताह पहले कौशांबी निवासी मोनू अचानक लापता हो गया। उसके चचेरे बहनोई ने अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस को शिकायत दी थी। इसके बाद पूरामुफ्ती थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की।
मंगलवार रात पुलिस ने मोनू के भाई के ससुर नेम सिंह और उसके भतीजे पुनीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने बताया कि 19 अगस्त को मोनू की हत्या कर दी गई थी और उसके शव को महिलाग्राम के पास पुल से यमुना में फेंक दिया गया।
इसके बाद बुधवार को एसीपी धूमनगंज रवि गुप्ता और पूरामुफ्ती थानाध्यक्ष शांतनु सिंह पुलिस टीम के साथ महिलाग्राम घाट पहुंचे। पुलिस ने नदी में शव की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कराया।
डीसीपी सिटी सागर जैन के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में युवती के पिता नेम सिंह को हत्याकांड का मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है। नेम सिंह और उसके भतीजे को पकड़ा गया है। पुलिस शव की बरामदगी के साथ ही घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
