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बकरी पालन योजना में करोड़ों की ठगी का आरोप, सहायक प्रोफेसर समेत दो दर्जन लोग हुए शिकार

दुमका। बकरी पालन योजना में निवेश कर कम समय में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर डॉ. अंजुला मुर्मू समेत करीब दो दर्जन लोगों से लगभग 1.37 करोड़ रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर नगर विश्वविद्यालय ओपी पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और रंगदारी मांगने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्राथमिकी के अनुसार, दिसंबर 2025 में बिहार के नवादा निवासी विनोद कुमार सिंह, रंजीत शर्मा, मनीष कुमार सिंह और विवेक कुमार ने ‘रियल वर्ल्ड एसेट्स’ नाम की कंपनी की बकरी पालन परियोजना में निवेश का प्रस्ताव दिया। आरोप है कि निवेशकों को दो तरह के पैकेज की जानकारी दी गई। एक में 13 महीने में और दूसरे में महज आठ महीने में निवेश की रकम दोगुनी करने का दावा किया गया।

आरोपियों ने निवेशकों को करीब 5 प्रतिशत और 75 प्रतिशत रिटर्न का लालच दिया और 1,000 रुपये से लेकर 15 लाख रुपये तक का निवेश कराया। इसके साथ ही कई अन्य लोगों के नाम पर भी निवेश आईडी बनाए जाने की बात सामने आई है।

डॉ. अंजुला मुर्मू का आरोप है कि शुरुआती दौर में मुख्य आरोपी विनोद कुमार सिंह ने कई बैठकें कर लोगों को योजना में निवेश के लिए तैयार किया। आरोप है कि उनकी सामाजिक छवि और समुदाय में साख का इस्तेमाल कर अन्य लोगों को भी निवेश के लिए प्रेरित किया गया।

शिकायत में विलियम जैकब, सुष्मिता सोरेन और रीता की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। आरोप है कि इन लोगों ने प्रोफेसर के नाम का इस्तेमाल करते हुए कई आदिवासी निवेशकों को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए योजना में फंसाया।

पीड़िता के अनुसार, 13 अगस्त को कंपनी का ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अचानक बंद हो गया। इसके बाद मुख्य आरोपी विनोद ने मोबाइल फोन बंद कर दिया और फरार हो गया। कंपनी का प्लेटफॉर्म बंद होने के बाद खुद को पत्रकार बताने वाले विलियम जैकब ने व्हाट्सएप पर ‘रा पब्लिक’ नाम से एक ग्रुप बनाया, जिसमें 32 सदस्यों को जोड़ा गया।

आरोप है कि विलियम जैकब अब डॉ. अंजुला मुर्मू को कंपनी की निदेशक और सुमित नायक को सिस्टम ऑपरेटर बताते हुए निवेशकों का पैसा जमा नहीं करने का आरोप लगा रहा है। वहीं डॉ. अंजुला का कहना है कि वह और सुमित नायक खुद इस कथित ठगी के शिकार हैं।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि उन्हें झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर 60 लाख रुपये की रंगदारी मांगी जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब निवेश से जुड़े दस्तावेज, लेन-देन और आरोपितों की भूमिका की जांच कर रही है।

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