विदेश भेजने के नाम पर 90 लोगों से 78 लाख की ठगी का आरोप, चार सऊदी में फंसे
प्रयागराज। विदेश में नौकरी दिलाने और भेजने के नाम पर 90 लोगों से करीब 78 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपितों ने लोगों से रकम लेने के बाद फर्जी वीजा उपलब्ध कराए। इनमें चार लोग सऊदी अरब में फंस गए और घर वापस नहीं लौट पा रहे हैं। पैसे वापस मांगने पर शिकायतकर्ता को धमकी दिए जाने का भी आरोप है।
मामले में रायबरेली के सलोन करहिया बाजार निवासी मोहम्मद हनीफ ने खुल्दाबाद थाने में मुख्य आरोपित मोहम्मद मुजतबा खान उर्फ सानू रहमान समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। शिकायत के मुताबिक सभी आरोपित प्रयागराज के खुल्दाबाद थाना क्षेत्र स्थित गुलाबबाड़ी मोहल्ले के रहने वाले हैं।
हनीफ के अनुसार, करीब दो साल पहले उसका संपर्क सानू से हुआ था। सानू ने सऊदी अरब में लोगों को भेजने का भरोसा दिया। इसके बाद उसके संपर्क में आए 90 लोगों से करीब 65 लाख रुपये लिए गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह रकम सानू के सहयोगियों नाहिद अंजुम, फैसल खान, अमन, वाहिद अली और मोहम्मद अहमद को दी गई।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि मोहम्मद अय्यूब, रज्जव अली, इबरार अहमद और कमलेश कुमार को विदेश भेजा गया, लेकिन वीजा फर्जी होने के कारण वे वहां फंस गए। आरोप है कि ठगी का पता चलने के बाद जब रकम वापस मांगी गई तो आरोपितों ने फर्जी लेनदेन दिखाकर मामले को टालने की कोशिश की।
हनीफ ने यह भी आरोप लगाया कि अधिक दबाव बनाने पर सानू और फैसल ने करीब 25 लोगों को दुबई बुलाया। वहां उन्हें एक होटल में करीब 10 दिन तक रुकवाया गया। बाद में पैसे की मांग पूरी नहीं होने पर उन्हें भारत वापस भेज दिया गया।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, अंजुम ट्रेवल्स के संचालक वाहिद अली ने कथित तौर पर फर्जी वीजा देकर लोगों से आठ लाख रुपये लिए और रकम दूसरे बैंक खाते में जमा कराई। वहीं मोहम्मद अहमद उर्फ मुन्ना जूजू पर फर्जी वीजा देने के नाम पर साढ़े तीन लाख रुपये लेने और छह पासपोर्ट अपने पास रखने का आरोप लगाया गया है। पासपोर्ट वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।
हनीफ का कहना है कि रकम वापस लेने के लिए दबाव बनाने पर उसे कभी दिल्ली तो कभी दूसरे शहरों में बुलाया गया। आरोप है कि करीब डेढ़ साल तक उसे अलग-अलग फर्जी लोकेशन भेजकर परेशान किया गया। वह सऊदी अरब भी गया, जहां करीब एक महीने रहने के बावजूद आरोपित उससे नहीं मिले। इसके बाद उसे कजाकिस्तान बुलाया गया, जहां वह 14 दिन रहा, लेकिन वहां भी आरोपित नहीं मिले। शिकायतकर्ता के अनुसार दिल्ली और मुंबई बुलाकर भी उसे लगातार झांसा दिया गया।
हनीफ का आरोप है कि प्रयागराज स्थित कार्यालय पहुंचकर उसने दोनों आरोपितों को पकड़ लिया था। उस दौरान हर महीने कुछ रकम वापस करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक भुगतान नहीं किया गया।
खुल्दाबाद थाने के इंस्पेक्टर केशवराम के मुताबिक मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपों की जांच की जा रही है।
