13 साल की बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता को उम्रकैद, 20 हजार का जुर्माना
सीतापुर। रिश्तों को शर्मसार करने वाले मामले में पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत ने नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के दोषी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। खास बात यह रही कि अदालत ने महज 114 दिन की सुनवाई में मामले का फैसला सुना दिया।
मामला कमलापुर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। 13 वर्षीय बालिका 17 मई 2026 को अपनी बुआ के घर गई थी। उसी दिन उसका पिता उसे वापस लाने गया। आरोप है कि घर लौटते समय पिता बालिका को नहर किनारे स्थित गन्ने के खेत में ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया।
घर पहुंचने के बाद पीड़िता ने पूरी घटना अपनी मां को बताई। इसके बाद मां की तहरीर पर कमलापुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
मंगलवार को पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत के न्यायाधीश अवनीश कुमार प्रथम ने मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता गोविंद मिश्रा ने पैरवी की।
मामले में फोरेंसिक जांच अहम साक्ष्य साबित हुई। जांच रिपोर्ट में बालिका के आरोपों से जुड़े साक्ष्यों की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने फोरेंसिक रिपोर्ट को अदालत में पेश किया। इसके अलावा अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह और 12 साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए, जिनके आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया गया।
दोषी की पत्नी ने अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उसके पति को उसके किए की सजा मिली है। उसने कहा कि बेटी के साथ ऐसा घिनौना कृत्य करने वाले व्यक्ति को इससे कम सजा नहीं मिलनी चाहिए थी।
