बाजपुर में अवैध SIM Box टेलीकॉम गेटवे का भंडाफोड़, 114 सिम कार्ड समेत युवक गिरफ्तार
ऊधमसिंहनगर। उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर कुमाऊं यूनिट ने बाजपुर क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अवैध SIM Box के जरिए संचालित टेलीकॉम गेटवे का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, यह गेटवे विदेशी और VoIP कॉल को भारतीय मोबाइल नंबर के रूप में दिखाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान एक युवक को गिरफ्तार कर बड़ी संख्या में सिम कार्ड और टेलीकॉम उपकरण बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ के मुताबिक, दूरसंचार विभाग के साथ समन्वय के बाद बाजपुर के मुड़िया, ईदगाह के पास एक मकान में अवैध टेलीकॉम गेटवे संचालित होने की सूचना मिली थी। इसके आधार पर टीम ने दबिश देकर कादिर पुत्र जाबिर अली, उम्र करीब 24 वर्ष, निवासी मिलक जुम्मावाली, थाना भगतपुर, जिला मुरादाबाद को गिरफ्तार किया।
मौके से दो 32-स्लॉट SIM Box, 77 एंटीना, 114 एयरटेल सिम कार्ड, इंटरनेट राउटर, Samsung A35 मोबाइल फोन और कई अन्य टेलीकॉम उपकरण बरामद किए गए। मामले में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
जांच में सामने आया कि SIM Box के माध्यम से विदेशी और इंटरनेट आधारित VoIP कॉल को भारतीय लोकल मोबाइल कॉल के रूप में प्रदर्शित किया जा रहा था। इसके चलते कॉल पाने वाले व्यक्ति के मोबाइल पर विदेशी नंबर के बजाय भारतीय नंबर दिखाई देता था। पुलिस के अनुसार, इस व्यवस्था से कॉल करने वाले की वास्तविक पहचान और लोकेशन छिपाने में मदद मिलती थी।
एसटीएफ के मुताबिक, गेटवे में अलग-अलग लोगों की आईडी का कथित रूप से दुरुपयोग कर हासिल किए गए सिम कार्ड लगाए गए थे। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी के बांग्लादेश के साइबर अपराधियों के संपर्क में होने और उनके जरिए आर्थिक लाभ लेने की जानकारी सामने आई है। आरोपी ने करीब सात महीने से गेटवे संचालित करने की बात बताई है।
पुलिस के अनुसार, कादिर पहले भी साइबर अपराधियों के संपर्क में रहा है। वर्ष 2023 में थाना कटघर, मुरादाबाद में SIM Box के जरिए अवैध टेलीकॉम गेटवे संचालित करने के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था। वर्तमान में वह जमानत पर था। एसटीएफ अब उसके विदेशी संपर्कों, साइबर नेटवर्क, बैंक खातों और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस का कहना है कि SIM Box का इस्तेमाल विदेशी कॉल को लोकल नंबर के रूप में दिखाने, पहचान छिपाने और फर्जी दस्तावेजों पर जारी सिम कार्डों के जरिए साइबर अपराधों में किया जा सकता है। डिजिटल अरेस्ट और फर्जी अधिकारी बनकर ठगी जैसे मामलों में भी इस तकनीक के इस्तेमाल की आशंका की जांच की जा रही है।
एसटीएफ ने बताया कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए सिम उपलब्ध कराने वाले एजेंटों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
