क्या दो सिम और 5G से जल्दी खत्म होती है फोन की बैटरी? जानिए असली वजह
नई दिल्ली – स्मार्टफोन की बैटरी जल्दी खत्म होने की समस्या से कई यूजर्स परेशान रहते हैं। खासकर डुअल सिम और 5G फोन इस्तेमाल करने वालों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि क्या दो सिम एक्टिव रखने या 5G नेटवर्क चलाने से बैटरी ज्यादा तेजी से खत्म होती है। हालांकि, बैटरी ड्रेन केवल सिम या नेटवर्क पर निर्भर नहीं करता, बल्कि सिग्नल की मजबूती, फोन के मॉडम और इस्तेमाल के तरीके का भी इसमें अहम रोल होता है।
डुअल सिम फोन में दोनों सिम एक्टिव रहने पर डिवाइस का मॉडम और रेडियो सिस्टम दोनों नेटवर्क से कनेक्शन बनाए रखने के लिए काम करता है। ऐसे में सिंगल सिम की तुलना में बैटरी की खपत कुछ बढ़ सकती है। लेकिन अगर दोनों सिम पर नेटवर्क सिग्नल मजबूत हैं और फोन का सामान्य इस्तेमाल हो रहा है, तो इसका असर बहुत ज्यादा नहीं होता।
बैटरी की खपत उस समय ज्यादा बढ़ सकती है, जब दोनों सिम के नेटवर्क कमजोर हों। ऐसे में फोन लगातार बेहतर सिग्नल तलाशता रहता है और नेटवर्क कनेक्शन को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पावर खर्च होती है। बेसमेंट, लिफ्ट, मेट्रो या कम नेटवर्क कवरेज वाले इलाकों में यह समस्या ज्यादा महसूस हो सकती है।
5G का इस्तेमाल करने पर हर स्थिति में 4G से ज्यादा बैटरी खर्च हो, यह जरूरी नहीं है। बैटरी खपत फोन के मॉडम, नेटवर्क कवरेज, 5G बैंड और यूजर के इस्तेमाल पर निर्भर करती है। शुरुआती 5G स्मार्टफोन में नेटवर्क कनेक्शन बनाए रखने के दौरान अपेक्षाकृत ज्यादा पावर खपत देखी गई थी, लेकिन नए फोन में बेहतर और ज्यादा पावर-एफिशिएंट 5G मॉडम आने से स्थिति में सुधार हुआ है।
हालांकि, कमजोर 5G सिग्नल वाले क्षेत्र में फोन अगर लगातार नेटवर्क खोजता रहे या 4G और 5G के बीच स्विच करता रहे, तो बैटरी सामान्य से जल्दी खत्म हो सकती है।
अगर किसी जगह 5G सिग्नल कमजोर है और हाई-स्पीड इंटरनेट की जरूरत नहीं है, तो 4G नेटवर्क का विकल्प चुना जा सकता है। जिस सिम की जरूरत नहीं है, उसे अस्थायी तौर पर बंद करने से भी कुछ बैटरी बच सकती है। इसके अलावा स्क्रीन ब्राइटनेस कम रखना, जरूरत न होने पर लोकेशन और हॉटस्पॉट बंद करना तथा बैकग्राउंड में चल रहे ऐप्स को नियंत्रित करना भी बैटरी बैकअप बढ़ाने में मदद कर सकता है।
