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मुरादाबाद में फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट बनवाने का खेल, दो आरोपी गिरफ्तार; बड़ी मात्रा में कागजात बरामद

मुरादाबाद। फर्जी पहचान और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे पासपोर्ट बनवाने के मामले में कटघर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी मुरादाबाद के पते का इस्तेमाल कर हरियाणा के लोगों के लिए पासपोर्ट तैयार कराने की कोशिश कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अगवानपुर निवासी महफूज और फरीदपुर सेक्टर-78, फरीदाबाद निवासी आकाश के रूप में हुई है।

पुलिस ने दोनों को रामगंगा पुल के पास से पकड़ा। उनके कब्जे से आधार कार्ड, पैन कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र, बैंक पासबुक, चेकबुक, फर्जी बिजली बिल, अंकपत्र, वाहन संबंधी दस्तावेज और ग्राम प्रधान व पार्षदों के लेटर पैड समेत कई कागजात बरामद किए गए हैं। इसके अलावा एक लैपटॉप और मोबाइल फोन भी पुलिस के हाथ लगा है।

एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह के मुताबिक, इस मामले में छह अक्टूबर को कटघर थाने में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने को लेकर मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों की गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जिसके आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में महफूज ने कथित तौर पर बताया कि बरेली निवासी मुकेश शर्मा पासपोर्ट बनवाने के इच्छुक लोगों के नाम और फोटो उपलब्ध कराता था। इसके बाद उनकी पहचान से संबंधित फर्जी कागजात तैयार किए जाते थे और उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट के लिए आवेदन कराया जाता था।

पुलिस के अनुसार, आकाश ने भी कथित तौर पर अपनी वास्तविक पहचान के बजाय रवि पुत्र प्रेमस्वरूप, निवासी ताजपुर माफी के नाम से पासपोर्ट बनवाने का प्रयास किया था। आवेदन निरस्त होने के बाद दोनों दोबारा आवेदन कराने की तैयारी में थे।

तलाशी के दौरान पुलिस को छह बैंक पासबुक, पांच चेकबुक, 25 आधार कार्ड, चार पैन कार्ड, पांच जन्म प्रमाणपत्र, फर्जी अंकपत्र, दो आरसी और अन्य दस्तावेज मिले हैं। पुलिस इन सभी कागजात की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि इनका इस्तेमाल कितने लोगों के लिए किया जाना था।

पुलिस के मुताबिक, महफूज के खिलाफ पहले से धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज, पासपोर्ट अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट समेत कई धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। हरियाणा पुलिस को भी उसकी तलाश थी।

अब पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने, पासपोर्ट आवेदन कराने और लोगों तक यह सुविधा पहुंचाने के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

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