बैंकॉक से दिल्ली पहुंचा यात्री कस्टम के हत्थे चढ़ा, ट्रॉली बैग से मिला करोड़ों का गांजा
4.5 करोड़ का गांजा जब्त
नई दिल्ली। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क विभाग ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 12.8 किलोग्राम से अधिक गांजा जब्त किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत 4.5 करोड़ रुपये बताई गई है। बैंकॉक से भारत पहुंचे एक यात्री के ट्रॉली बैग की तलाशी के दौरान यह खेप बरामद हुई। कस्टम अधिकारियों ने संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर यात्री को रोककर जांच की, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
प्रोफाइलिंग के आधार पर पकड़ा गया यात्री
सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों ने यह कार्रवाई 6 अक्टूबर 2026 को की। जानकारी के मुताबिक, बैंकॉक से एयर इंडिया की उड़ान एआई-2335 के जरिए एक भारतीय यात्री दिल्ली पहुंचा था। वह इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-3 पर उतरा। यात्री की प्रोफाइलिंग के दौरान संदेह होने पर अधिकारियों ने उसे ग्रीन चैनल से हटाकर विस्तृत जांच के लिए रोक लिया।
इसके बाद यात्री के पास मौजूद चांदी जैसे रंग के धातु के ट्रॉली बैग की बारीकी से तलाशी ली गई। जांच के दौरान बैग के अंदर छिपाकर रखे गए 13 पॉलिथीन पैकेट मिले। इन पैकेटों में गांजा (मारिजुआना) होने का संदेह जताया गया, जिसके बाद बरामद पदार्थ को जब्त कर लिया गया।
12,859.5 ग्राम नशीला पदार्थ बरामद
कस्टम विभाग के अनुसार, जब्त किए गए पदार्थ का कुल शुद्ध वजन 12,859.5 ग्राम यानी करीब 12.86 किलोग्राम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत लगभग 4.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ को कथित तौर पर देश में लाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
हवाई अड्डों पर तस्करी रोकने के लिए निगरानी तेज
दिल्ली सीमा शुल्क विभाग (एयरपोर्ट एंड जनरल) ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से इस कार्रवाई की जानकारी साझा की है। हवाई अड्डों पर नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए यात्रियों की प्रोफाइलिंग, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और सामान की जांच की जाती है। इस कार्रवाई में भी अधिकारियों ने सतर्कता बरतते हुए संदिग्ध यात्री को रोका और तलाशी के दौरान नशीले पदार्थ की बड़ी खेप बरामद की।
फिलहाल, मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है। अधिकारियों की जांच में यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद गांजा कहां से लाया गया था और इस कथित तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
