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जयपुर में ई-रिक्शा संचालन पर लगेगी लगाम, चारदीवारी में लागू होंगे नए नियम; 19 अक्टूबर से कार्रवाई

जयपुर: गुलाबी नगरी जयपुर के परकोटा क्षेत्र में लगातार बढ़ रही ई-रिक्शा की संख्या और इनके अनियंत्रित संचालन से होने वाली यातायात समस्याओं को दूर करने के लिए ट्रैफिक पुलिस नई व्यवस्था लागू करने जा रही है। इसके तहत चारदीवारी क्षेत्र से करीब 7 हजार ई-रिक्शा हटाने की योजना है। वहीं, निर्धारित नियमों और पहचान चिह्नों वाले केवल 250 ई-रिक्शा को ही यहां चलने की अनुमति दी जाएगी।

यातायात पुलिस के अनुसार, नई व्यवस्था का उद्देश्य परकोटे के व्यस्त बाजारों और संकरी सड़कों पर लगने वाले जाम को कम करना है। इसके लिए पूरे जयपुर शहर को सात जोन में बांटकर ई-रिक्शा का संचालन व्यवस्थित किया जाएगा। पुलिस को उम्मीद है कि इस कदम से सड़कों पर वाहनों का दबाव घटेगा और यातायात व्यवस्था बेहतर होगी।

QR कोड के बिना नहीं चल सकेंगे ई-रिक्शा

नई व्यवस्था के तहत ई-रिक्शा की पहचान के लिए प्रत्येक अधिकृत वाहन पर निर्धारित रंग की पट्टी और QR कोड लगाया जाएगा। इससे पुलिस को नियमों के अनुसार चल रहे वाहनों की पहचान करने में आसानी होगी।

QR कोड स्कैन करने पर संबंधित ई-रिक्शा और उसके चालक से जुड़ी जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। इससे अनधिकृत वाहनों की पहचान करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

19 अक्टूबर से शुरू होगी सख्ती

यातायात पुलिस 19 अक्टूबर से बिना QR कोड के संचालित होने वाले ई-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई शुरू करेगी। इसके बाद परकोटा क्षेत्र में केवल निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले वाहनों के संचालन की अनुमति होगी।

इस व्यवस्था के तहत ई-रिक्शा चालकों को तय नियमों का पालन करना होगा। पुलिस का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि निर्धारित संख्या से अधिक ई-रिक्शा चारदीवारी क्षेत्र में प्रवेश न करें और यातायात व्यवस्था बाधित न हो।

ई-रिक्शा की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए जयपुर को सात जोन में विभाजित करने की तैयारी है। जोनवार संचालन से वाहनों की आवाजाही पर निगरानी रखना आसान होगा। साथ ही, अलग-अलग क्षेत्रों में ई-रिक्शा के अनियंत्रित प्रवेश को रोकने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

चारदीवारी क्षेत्र में बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चलने के कारण कई सड़कों और बाजारों में यातायात प्रभावित होने की समस्या सामने आती रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सड़कों पर ई-रिक्शा की संख्या सीमित रखने और उनकी पहचान सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।

यातायात पुलिस का मानना है कि नियमों का सख्ती से पालन होने पर परकोटे में ट्रैफिक जाम की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, नई व्यवस्था कितनी प्रभावी साबित होगी, यह इसके क्रियान्वयन और नियमों के पालन पर निर्भर करेगा।

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