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 जालंधर के दो स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल में रेलवे नेटवर्क और राहुल गांधी के कार्यक्रम का भी जिक्र

जालंधर। पंजाब के जालंधर में दो प्रतिष्ठित स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मच गई है। धमकी भरे ईमेल एपीजे स्कूल और आर्मी पब्लिक स्कूल को भेजे गए हैं। मामला सामने आते ही दोनों स्कूलों के प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी।

जानकारी के अनुसार, ईमेल में बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा संदेश भी लिखा गया है। धमकी मिलने के बाद स्कूल परिसरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई। हालांकि, खबर लिखे जाने तक दोनों स्कूलों में छुट्टी घोषित किए जाने की सूचना नहीं थी। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां ईमेल की सत्यता और उसके पीछे की मंशा का पता लगाने में जुटी हैं।

मामले को और गंभीर बनाने वाली बात यह है कि धमकी भरे ईमेल में केवल शिक्षण संस्थानों का ही उल्लेख नहीं किया गया, बल्कि रेलवे नेटवर्क को लेकर भी चेतावनी दी गई है। ईमेल में 1 नवंबर को दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में यात्रा नहीं करने की बात कही गई है। साथ ही पंजाब के विभिन्न रेलवे मार्गों पर विस्फोट करने की धमकी का भी जिक्र है।

इसके अलावा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संगरूर दौरे के दौरान सुरक्षा को लेकर भी धमकी दी गई है। एक ही ईमेल में स्कूलों, रेलवे और राजनीतिक कार्यक्रम का उल्लेख सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।

धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस ने संबंधित स्कूल परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। बम निरोधक दस्तों और अन्य सुरक्षा कर्मियों की मदद से जांच अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों की प्राथमिकता स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों, शिक्षकों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि धमकी भरा ईमेल किस स्थान से भेजा गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। फिलहाल ईमेल में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

जालंधर के स्कूलों को ईमेल के माध्यम से धमकी मिलने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी अलग-अलग मौकों पर शहर के कई शिक्षण संस्थानों को इसी तरह के संदेश मिल चुके हैं।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 15 दिसंबर 2025 को करीब 10 से 11 स्कूलों को धमकी मिलने की खबर सामने आई थी। इसके बाद जनवरी 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डेरा बल्लां दौरे से पहले, 1 मार्च 2026 को कई शिक्षण संस्थानों और 7 मई 2026 को लगभग पांच से छह स्कूलों को धमकी मिलने की सूचना आई थी। वहीं, 30 सितंबर 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली से पहले भी इसी तरह के संदेश मिलने की खबर सामने आई थी।

लगातार सामने आ रही धमकियों ने स्कूल प्रबंधन, अभिभावकों और स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए ऐसे मामलों में समय पर जांच और एहतियाती कदम उठाना जरूरी हो गया है।

फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां ताजा ईमेल की जांच कर रही हैं। धमकी के स्रोत, उसकी विश्वसनीयता और संभावित खतरे को लेकर स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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