रोहतक में नाबालिग छात्रा के अपहरण और यौन शोषण मामले में 8 दोषियों को उम्रकैद
रोहतक। हरियाणा के रोहतक में नाबालिग छात्रा के अपहरण और उसके साथ यौन शोषण के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली 15 वर्षीय छात्रा से जुड़े इस मामले में दो महिलाओं समेत आठ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अदालत ने सभी पर जुर्माना भी लगाया है और पीड़िता को पांच लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सलेंद्र सिंह की अदालत ने सोमवार को यह फैसला सुनाया। सजा पाने वालों में विकास उर्फ तस्कर, सोमबीर, पवन, विनोद, महेश, मान सिंह, रविता उर्फ रमिता और दीक्षा शामिल हैं। मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। उसके पकड़े जाने के बाद उसके खिलाफ अलग से कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
अदालत में पेश मामले के मुताबिक, पीड़िता की मां ने 7 जुलाई 2022 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी 30 जून को शाम करीब पांच बजे दूध लेने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने काफी तलाश की, मगर उसका कोई पता नहीं चल पाया। इसके बाद मां ने बेटी के अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
जांच के दौरान पुलिस ने 2 जुलाई को शास्त्री नगर स्थित एक पूर्व पार्षद के कार्यालय से छात्रा को बरामद किया था। इसके बाद उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया और अदालत में बयान दर्ज करवाए गए। पुलिस ने जांच के आधार पर मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आरोपपत्र पेश किया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, इस मामले में पड़ोस में रहने वाली एक महिला की भूमिका भी सामने आई थी। आरोप था कि उसने छात्रा को राजस्थान ले जाने वाले व्यक्ति के संपर्क में लाने में मदद की थी। बाद में छात्रा को राजस्थान के राजगढ़ ले जाया गया, जहां उसके साथ यौन शोषण किया गया। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच तेज की और आरोपियों को गिरफ्तार किया।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में पीड़िता के बयान और पुलिस जांच से जुड़े साक्ष्य प्रस्तुत किए। इन्हीं के आधार पर अदालत ने आठ आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अब फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
