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संभल में 100 करोड़ से अधिक के फर्जी बीमा घोटाले का पर्दाफाश, 74 आरोपित गिरफ्तार

बहजोई । संभल पुलिस ने फर्जी बीमा क्लेम के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 74 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह मरणासन्न और मृत लोगों के नाम पर बीमा कराता था और बाद में फर्जी दस्तावेज व मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार कर हादसे के नाम पर बीमा कंपनियों से करोड़ों रुपये का क्लेम हासिल करता था।

इस पूरे मामले की शुरुआत 17 जनवरी 2025 को रजपुरा क्षेत्र में चेकिंग के दौरान ओंकारेश्वर मिश्रा की गिरफ्तारी से हुई थी। उसके कब्जे से 11 लाख रुपये से अधिक की नकदी और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए थे। इसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया तो फर्जी बीमा क्लेम के बड़े नेटवर्क का खुलासा होता चला गया।

जांच में ऐसे मामलों का भी पता चला, जिनमें 51 लाख और 95 लाख रुपये तक के बीमा क्लेम हासिल करने के लिए हत्या को हादसे का रूप देने की साजिश रची गई थी। पुलिस को इस नेटवर्क के तार करीब 12 राज्यों तक जुड़े मिले। जांच के दौरान बैंककर्मियों, बीमा कंपनियों, आशा कार्यकर्ताओं, जनसेवा केंद्र संचालकों, स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोगों, पंचायत सचिवों, ग्राम प्रधानों और ग्राम स्तर के अन्य कर्मचारियों की संभावित भूमिका भी सामने आई।

अप्रैल 2025 तक इस मामले में 14 मुकदमे दर्ज कर 26 आरोपितों को चिह्नित किया गया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए कई राज्यों में दबिश दी। वाराणसी और नोएडा समेत विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर गिरोह से जुड़े लोगों को पकड़ा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जानकारी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को देने की प्रक्रिया भी शुरू की गई।

पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान ठगी की रकम 100 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान सामने आया। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के निर्देशन और एएसपी अनुकृति शर्मा के नेतृत्व में जांच को आगे बढ़ाया गया। अगस्त 2025 तक 68 आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके थे, जबकि मई 2026 तक गिरफ्तारियों की संख्या बढ़कर 74 हो गई।

गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए करीब 11 करोड़ 89 लाख 51 हजार रुपये की संपत्ति भी कुर्क की गई। इसके अलावा पुलिस ने 58 बीमा कंपनियों के साथ समन्वय कर भविष्य में इस तरह के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने पर भी काम किया।

बीमा फर्जीवाड़े के इस बड़े नेटवर्क का खुलासा करने और प्रभावी कार्रवाई के लिए एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक के लिए चुना गया है।

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