भदोही में सीएचसी अधीक्षक को जान से मारने की धमकी, दो संविदा कर्मी गिरफ्तार
भदोही। भानीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के अधीक्षक डा. पीसी बिंद को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने दो संविदा कर्मियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में स्वास्थ्य केंद्र के बीपीसीएम अजीत कुमार और स्वास्थ्य कार्यकर्ता श्याम सुंदर सिंह शामिल हैं। दोनों के धमकी भरे ऑडियो प्रसारित होने के बाद मामला सामने आया।
बताया गया कि सीएचसी अधीक्षक ने ऑडियो क्लिप सुनने के बाद इसकी जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) और जिलाधिकारी को दी। डीएम के निर्देश पर दुर्गागंज पुलिस ने मामले की जांच की। जांच में ऑडियो से संबंधित तथ्य सामने आने के बाद पुलिस ने मंगलवार रात दोनों आरोपितों को सीएचसी से गिरफ्तार कर लिया। शुरुआत में दोनों का शांति भंग की धाराओं में चालान किया गया।
प्रसारित करीब 34 मिनट की ऑडियो क्लिप में दोनों आरोपितों को कथित तौर पर अधीक्षक के खिलाफ आपत्तिजनक बातें करते और उन्हें अस्पताल से बाहर निकलने पर वाहन से टक्कर मारकर जान से खत्म कराने की धमकी देते सुना जा रहा है। इसके अलावा भी कई अन्य ऑडियो क्लिप प्रसारित होने की बात सामने आई है। पुलिस अब इन ऑडियो रिकॉर्डिंग की भी जांच कर रही है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, दोनों संविदा कर्मियों को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आ चुकी थीं। सीएचसी से जुड़ी एक एएनएम ने दोनों के खिलाफ छेड़खानी की शिकायत अधीक्षक से की थी। इसके बाद अधीक्षक ने दोनों को बुलाकर फटकार लगाई थी और उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए सीएमओ को पत्र भेजा था। बताया जा रहा है कि इसी के बाद से दोनों अधीक्षक से नाराज चल रहे थे।
बीपीसीएम अजीत कुमार ऊंज थाना क्षेत्र के मुंगरी गांव का निवासी है, जबकि स्वास्थ्य कार्यकर्ता श्याम सुंदर सिंह ज्ञानपुर कोतवाली क्षेत्र के जाठी गांव का रहने वाला है।
सीएचसी अधीक्षक डा. पीसी बिंद ने बताया कि वह डीघ सीएचसी से स्थानांतरित होकर करीब डेढ़ माह पहले भानीपुर सीएचसी आए हैं। उनके मोबाइल पर आई ऑडियो रिकॉर्डिंग में उन्हें अस्पताल से बाहर निकलने पर दुर्घटना करवाकर जान से मारने की धमकी दिए जाने की बात सामने आई। उन्होंने मामले की शिकायत अधिकारियों से की।
दुर्गागंज थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि दोनों आरोपितों का शांति भंग में चालान किया गया है। सीएचसी अधीक्षक से दोबारा तहरीर देने को कहा गया है। तहरीर मिलने के बाद दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
