क्राइमराष्ट्रीय

30 लाख के लेनदेन में दोस्त ने दोस्त की पिस्टल से किए सात फायर, पूर्व उप ब्लॉक प्रमुख की मौत

काशीपुर। पूर्व उप ब्लाक प्रमुख हरदीप सिंह की हत्या के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए उसके बचपन के दोस्त और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, लाखों रुपये के लेनदेन के विवाद में हत्या की साजिश रची गई थी। आरोपित ने हरदीप की ही लाइसेंसी पिस्टल से उस पर सात राउंड फायर किए, जिनमें से दो गोलियां उसके पेट में लगीं। उपचार के दौरान हरदीप की मौत हो गई थी।

मंगलवार को मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि 13 सितंबर को गुलजारपुर निवासी रजविंदर कौर ने शिकायत दी थी कि उनके पुत्र हरदीप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। आरोप था कि संदीप सिंह ने अपनी पत्नी और मां की मौजूदगी में हरदीप को गोली मारी।

पुलिस की शुरुआती जांच में हत्या की मुख्य वजह रुपयों के लेनदेन को लेकर चला आ रहा पुराना विवाद सामने आया। पुलिस ने आरोपी संदीप सिंह उर्फ सोना (40) और उसकी पत्नी संदीप कौर (35), निवासी गौरा फार्म, कुंडा को सोमवार को गिरफ्तार किया।

पूछताछ में सामने आया कि घटना की रात हरदीप और संदीप ने ढाबे पर शराब पी और खाना खाने के बाद दोनों संदीप के घर पहुंचे। वहां दोनों ने साथ बैठकर कच्ची शराब पी। इसी दौरान रुपये के लेनदेन को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई, जो विवाद में बदल गई। आरोप है कि संदीप ने टेबल पर रखी हरदीप की लाइसेंसी पिस्टल उठाकर सात गोलियां चला दीं। इनमें से दो गोलियां हरदीप के पेट में लगीं।

पुलिस जांच में सामने आया कि संदीप को हरदीप के 30 लाख रुपये देने थे। इसके अलावा हरदीप ने संदीप के नाम पर हरिद्वार से आठ लाख रुपये का सेकेंड हैंड बुलडोजर खरीदवाया था। संदीप 15 एकड़ जमीन का मालिक किसान है और दोनों बचपन के दोस्त थे।

हत्या के बाद पुलिस और परिजनों को गुमराह करने के लिए संदीप खुद घायल हरदीप को अस्पताल लेकर गया और उसके परिजनों को भी घटना की सूचना दी। पुलिस के मुताबिक, ऐसा उसने खुद पर शक न होने देने के लिए किया।

पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने और नष्ट करने में संदीप की पत्नी संदीप कौर ने भी मदद की। उसने कमरे में फैले खून को साफ किया। इसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। वहीं, घटना के समय मौके पर मौजूद संदीप की मां की भूमिका की भी पुलिस जांच कर रही है।

पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कुंडा धीरेंद्र कुमार, एसआई सौरभ कुमार, गोविंद मेहता, मनोज देव, सोनू सिंह, नवीन जोशी और एएसआई रविश राम शामिल रहे। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी पिस्टल, कारतूस और घटना में इस्तेमाल कार भी बरामद की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *