गोरखपुर में असलहा तस्करी नेटवर्क की जांच का दायरा बढ़ा, 31 आरोपी नामजद
गोरखपुर। लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा से जुड़े बताए जा रहे असलहा तस्करी नेटवर्क की जांच अब गोरखपुर के स्थानीय संपर्कों तक पहुंच गई है। एसटीएफ की कार्रवाई में कुल 31 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें एक स्थानीय नेता के करीबी और एक दारोगा के बेटे का नाम भी सामने आया है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और संपर्कों की जांच कर रही है।
जांच के दौरान सामने आए स्थानीय लोगों के संपर्कों का सत्यापन कराया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों से इन लोगों की बातचीत किस सिलसिले में हुई थी और क्या उनका कथित असलहा नेटवर्क से कोई संबंध था। इसी मामले में गोरखपुर पुलिस ने एक छात्रनेता के भाई को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, हालांकि पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया।
मुकदमे में नामजद एक आरोपी सहजनवा क्षेत्र के एक नेता का करीबी बताया जा रहा है, जबकि दूसरे आरोपी के पिता उत्तर प्रदेश पुलिस में दारोगा हैं। कैंट थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस नामजद आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। साथ ही मोबाइल नंबरों और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
एसटीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि दूसरे राज्यों से कथित तौर पर गोरखपुर और पूर्वांचल में पहुंचने वाले असलहों को स्थानीय स्तर पर किन लोगों के जरिए खपाया जाता था। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल से मिले नंबरों और सोशल मीडिया संपर्कों का मिलान किया जा रहा है।
एसटीएफ ने सोमवार रात विंध्यवासिनी पार्क के पास से श्रेयांश यादव उर्फ बबलू, अजीत यादव, अभिषेक गौड़ उर्फ भेली, अभिषेक प्रजापति उर्फ अभी और राहुल गुप्ता को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान 26 अन्य लोगों के नाम सामने आने के बाद एसटीएफ की फर्द में कुल 31 लोगों को आरोपी बनाया गया। इनमें से पांच की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि 26 की तलाश जारी है।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बिहार, मध्य प्रदेश और हरियाणा के अलावा गोरखपुर, कुशीनगर और महराजगंज में 10 से अधिक टीमें दबिश दे रही हैं। जांच में बिहार निवासी शशांक पांडेय को अहम कड़ी माना जा रहा है।
जांच के दौरान बांसगांव क्षेत्र के पीएसी जवान सूरज यादव और उसके साथी प्रमोद यादव का नाम भी सामने आया है। एसटीएफ के अनुसार, दोनों ने एक युवक की हत्या की कथित योजना के लिए इसी नेटवर्क से असलहा खरीदा था। पुलिस अब संबंधित हथियार और उससे जुड़े संपर्कों की तलाश कर रही है। कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद दोनों के फरार होने की बात सामने आई है।
एसटीएफ शशांक पांडेय की तलाश में उसके पैतृक गांव तक पहुंच चुकी है। साथ ही गोरखपुर में रहने के दौरान उसके बने संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है। पूर्व की जांच में उसका नाम बिश्नोई गैंग से जुड़े बताए जा रहे असलहा नेटवर्क से जोड़े जाने की जानकारी सामने आई थी।
