दिल्ली में अब एआई संभालेगा ट्रैफिक, इमरजेंसी वाहन आते ही खुद बन जाएगा ग्रीन कॉरिडोर
केंद्र ने 1,789.52 करोड़ रुपये के इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को दी मंजूरी, रियल-टाइम डाटा से ट्रैफिक सिग्नल और निगरानी व्यवस्था को किया जाएगा स्मार्ट
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक जाम और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अब तकनीक का सहारा लिया जाएगा। केंद्र सरकार ने दिल्ली में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) लागू करने की मंजूरी दे दी है। इस आधुनिक व्यवस्था के तहत एआई आधारित कैमरों और स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नलों की मदद से सड़कों पर यातायात की स्थिति की निगरानी की जाएगी। खास बात यह है कि इमरजेंसी वाहनों के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने की प्रक्रिया भी स्वचालित तरीके से संचालित की जा सकेगी।
केंद्र सरकार ने दिल्ली की यातायात व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने के लिए 1,789.52 करोड़ रुपये के आईटीएमएस को मंजूरी दी है। इस परियोजना को दिल्ली पुलिस लागू करेगी। इसका उद्देश्य मौजूदा ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था को रियल-टाइम ट्रैफिक डाटा से जोड़ना है, ताकि सड़क पर वाहनों की वास्तविक स्थिति के अनुसार यातायात का संचालन किया जा सके।
ट्रैफिक के हिसाब से बदलेंगी सिग्नल की टाइमिंग
आईटीएमएस के तहत लगाए जाने वाले स्मार्ट और एडाप्टिव ट्रैफिक सिग्नल सड़क पर वाहनों की संख्या के अनुसार अपनी टाइमिंग में बदलाव कर सकेंगे। यानी जिस मार्ग पर अधिक ट्रैफिक होगा, वहां सिग्नल की अवधि को यातायात के दबाव के मुताबिक समायोजित किया जा सकेगा।
इससे कम ट्रैफिक वाले रास्तों पर अनावश्यक रूप से लाल बत्ती पर रुकने की स्थिति कम करने और भीड़भाड़ वाले मार्गों पर यातायात के प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इमरजेंसी वाहनों के लिए बनेगा ग्रीन कॉरिडोर
नई व्यवस्था में इमरजेंसी वाहनों की आवाजाही को भी प्राथमिकता दी जाएगी। सिस्टम को इमरजेंसी वाहन से अलर्ट मिलने पर उसके निर्धारित मार्ग के ट्रैफिक सिग्नलों को समन्वित तरीके से नियंत्रित करने की सुविधा होगी। इससे एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार करने में मदद मिलेगी और हर सिग्नल पर मैनुअल हस्तक्षेप की जरूरत कम हो सकती है।
जाम और हादसों की मिलेगी रियल-टाइम जानकारी
आईटीएमएस के जरिए सड़कों पर ट्रैफिक की स्थिति, वाहनों की गति, जाम और सड़क हादसों जैसी घटनाओं की जानकारी रियल-टाइम में ट्रैफिक प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों तक पहुंचाई जा सकेगी। इसके आधार पर जरूरत पड़ने पर यातायात को डायवर्ट करने या अन्य जरूरी कदम उठाने में मदद मिलेगी।
ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर भी नजर
नई तकनीक यातायात नियमों के उल्लंघन की निगरानी में भी इस्तेमाल की जाएगी। एआई आधारित कैमरों की मदद से रेड लाइट जंप, स्टॉप लाइन का उल्लंघन, ओवरस्पीडिंग, रॉन्ग साइड ड्राइविंग, बिना हेलमेट वाहन चलाना, सीट बेल्ट नहीं लगाने, अवैध पार्किंग और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल जैसे उल्लंघनों की पहचान की जा सकेगी।
इस तरह आईटीएमएस के जरिए दिल्ली की यातायात व्यवस्था को केवल सिग्नल आधारित प्रणाली से आगे बढ़ाकर रियल-टाइम डाटा और स्मार्ट तकनीक से जोड़ने की तैयारी है।
