राजस्थान में पंचायत चुनाव का इंतजार खत्म होने वाला, 3 अक्टूबर को घोषित होगा कार्यक्रम
जयपुर। राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग शनिवार, 3 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे चुनाव कार्यक्रम जारी करेगा। कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार चुनाव चार चरणों में कराए जाने की संभावना है।
चुनाव प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की तैयारी है। संभावना जताई जा रही है कि आयोग की घोषणा के बाद जिला कलेक्टर 5 या 6 अक्टूबर को चुनाव संबंधी अधिसूचना जारी कर सकते हैं। इसके बाद नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। चुनाव कार्यक्रम की अंतिम तारीखें आयोग की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होंगी।
पंचायत चुनाव में मतदान के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं रखी जाएंगी। सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से कराए जाने की जानकारी है, जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के लिए ईवीएम का इस्तेमाल किया जाएगा। पंचायतीराज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू रहेगा।
चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी। इसके बाद चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक प्रशासनिक स्तर पर कई तरह के फैसलों पर निर्वाचन आयोग के नियम लागू रहेंगे। तबादलों समेत अन्य प्रशासनिक गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ सकता है।
1.69 लाख से ज्यादा पदों पर होगा चुनाव
पंचायतीराज चुनाव के जरिए प्रदेश में करीब 1.69 लाख जनप्रतिनिधियों का चुनाव होना है। इनमें 1,403 जिला परिषद सदस्य और 8,245 पंचायत समिति सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा 14,403 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंचों के पदों के लिए भी मतदान होगा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वार्ड पंचों के करीब 1.30 लाख पद हैं।
इन चुनावों के बाद प्रदेश में 41 जिला प्रमुख और 457 पंचायत समितियों के प्रधान चुने जाएंगे। महिलाओं के लिए आरक्षण के तहत 41 जिला प्रमुख पदों में 20 पद और 457 पंचायत समितियों में 221 प्रधान पद महिलाओं के लिए आरक्षित बताए गए हैं।
ग्राम पंचायत स्तर पर भी महिलाओं के लिए बड़ी संख्या में पद आरक्षित हैं। करीब 7,200 महिला सरपंच चुने जाने की संभावना है, जबकि लगभग 65 हजार वार्ड पंच पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
आरक्षण व्यवस्था के तहत सरपंच के पदों में 3,058 एसटी, 2,493 एससी और 1,961 ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित बताए गए हैं। वहीं वार्ड पंच के पदों में 21,962 एससी, 19,117 एसटी और करीब 15 हजार पद ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित हैं।
बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और सलूंबर जिलों में सरपंच के सभी 1,253 पद एसटी वर्ग के लिए आरक्षित बताए गए हैं। हालांकि, चुनाव की अंतिम तारीखें और चरणवार कार्यक्रम राज्य निर्वाचन आयोग की 3 अक्टूबर की घोषणा के बाद ही आधिकारिक रूप से स्पष्ट होंगे।
