क्राइमराष्ट्रीय

संभल में नाबालिगों से मोबाइल चोरी कराने वाले गिरोह का खुलासा, 42 फोन बरामद

बहजोई । उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पुलिस ने मोबाइल चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। आरोप है कि गिरोह के सदस्य बिहार और झारखंड से नाबालिगों को काम दिलाने के बहाने लाते थे और उनसे भीड़भाड़ वाले बाजारों में मोबाइल चोरी कराते थे। इसके बदले बच्चों को 300 से 500 रुपये दिए जाते थे। चोरी किए गए फोन दिल्ली के फुटपाथ बाजार में कम कीमत पर बेच दिए जाते थे। पुलिस ने एक नाबालिग समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से अलग-अलग कंपनियों के 42 एंड्रॉयड मोबाइल और चोरी का एक आधार कार्ड बरामद हुआ है। बरामद मोबाइल की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई गई है।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य दिनेश कुमार मेहतो, सुरजन कुमार शाह और करन कुमार झारखंड के रहने वाले हैं। गिरोह कोरोना काल के लॉकडाउन में मजदूरी बंद होने के बाद सक्रिय हुआ था। आरोप है कि इसके सदस्य बिहार और झारखंड के 10 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों को काम दिलाने का भरोसा देकर अपने साथ लाते थे।

पकड़ा गया 14 वर्षीय किशोर बिहार के कटिहार से लाया गया था। बताया गया कि उसके पिता पहले सुरजन के चाचा के साथ मजदूरी कर चुके थे।

गिरोह के सदस्य गूगल पर प्रसिद्ध बाजारों की तलाश करते थे और वहां पहुंचकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस के मुताबिक, दिनेश और सुरजन वारदात के दौरान नाबालिग के आगे-पीछे रहते थे। चोरी किया गया मोबाइल दूसरे साथी को सौंप दिया जाता था, जबकि करन बाजार से बाहर सड़क किनारे चोरी के फोन इकट्ठा होने का इंतजार करता था।

तीन-चार मोबाइल जमा होने के बाद सभी वहां से निकल जाते थे। पुलिस की सक्रियता बढ़ने पर गिरोह दूसरे जिले में जाकर वारदात करने लगता था। संभल के अलावा हाथरस, कासगंज, एटा और अलीगढ़ में भी इस गिरोह की गतिविधियां सामने आई हैं।

पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य चोरी किए गए मोबाइल दिल्ली के करोल बाग स्थित फुटपाथ बाजार में रात करीब 12 बजे से सुबह पांच बजे के बीच बेचते थे। बताया गया कि 25 हजार रुपये की कीमत वाला फोन करीब पांच हजार रुपये में बेचा जाता था। इन मोबाइलों को खरीदने वालों में ऐसे लोग भी शामिल थे, जो उनके पुर्जों का इस्तेमाल दूसरे मोबाइलों में करते थे।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्य करीब तीन महीने से अलीगढ़ में रह रहे थे। करन लगभग एक महीने पहले मजदूरी की तलाश में उनके साथ जुड़ा था।

पुलिस को गूगल सर्च हिस्ट्री और आरोपियों के मोबाइल में मिली ऑडियो कॉल के आधार पर करीब 500 मोबाइल चोरी किए जाने का संदेह है। गिरोह की ओर से हाल में 1.93 लाख रुपये के मोबाइल बेचने की बात भी सामने आई है।

फिलहाल पुलिस चोरी के मोबाइल खरीदने वालों की पहचान करने और गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों का पता लगाने में जुटी है। बरामद मोबाइल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।

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