उत्तर प्रदेशराष्ट्रीय

अखिलेश यादव और आजम खां की मुलाकात में यूपी चुनाव पर मंथन, सीटों को लेकर कही बड़ी बात

अखिलेश-आजम की मुलाकात ने बढ़ाई सियासी हलचल

रामपुर। समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर अपनी रणनीति पर काम तेज कर दिया है। इसी बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां के बीच रामपुर जेल में हुई मुलाकात ने प्रदेश की सियासत में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। करीब एक घंटे तक चली इस बैठक में विधानसभा चुनाव की सभी 403 सीटों, संभावित उम्मीदवारों और गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ सीटों के बंटवारे जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। अखिलेश यादव ने मुलाकात के बाद बताया कि आजम खां ने किसी सीट की मांग नहीं की, बल्कि कुछ सुझाव दिए, जिन्हें स्वीकार कर लिया गया है।

अखिलेश यादव और आजम खां की पिछली मुलाकात 8 अक्टूबर 2025 को रामपुर स्थित आजम खां के आवास पर हुई थी। उस समय आजम खां जेल से बाहर थे। बृहस्पतिवार को अखिलेश यादव के रामपुर पहुंचने और जेल में आजम खां से मिलने का कार्यक्रम सामने आने के बाद से ही इसके राजनीतिक मायने निकाले जाने लगे थे। मुलाकात के दौरान अखिलेश ने आजम खां की सेहत का हाल जाना और प्रदेश की चुनावी राजनीति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।

पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, बैठक में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की विधानसभा सीटों के साथ प्रदेश के दूसरे क्षेत्रों में सपा के संभावित प्रत्याशियों को लेकर भी चर्चा हुई। इसके अलावा गठबंधन में शामिल दलों को कितनी सीटें दी जा सकती हैं और किन क्षेत्रों में किस उम्मीदवार को उतारा जा सकता है, इस पर भी मंथन किया गया। चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और भाजपा को घेरने के लिए प्रमुख मुद्दों को तय करने पर भी बातचीत होने की जानकारी सामने आई है।

हालांकि, मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने सीटों के बंटवारे और प्रत्याशियों के चयन को लेकर विस्तार से जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चर्चा हुई है। सहयोगी दलों के हिस्से में कौन-कौन सी सीटें आएंगी और किन नेताओं को टिकट दिया जाएगा, इस सवाल पर उन्होंने स्पष्ट जवाब देने के बजाय कहा कि सूची जारी होने पर सब कुछ सामने आ जाएगा।

रामपुर सीट पर आजम खां के नाम को लेकर सस्पेंस
रामपुर शहर विधानसभा सीट पर सपा के संभावित उम्मीदवार को लेकर भी राजनीतिक अटकलें तेज हैं। पत्रकारों ने जब अखिलेश यादव से इस सीट पर प्रत्याशी के बारे में सवाल किया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, ”क्यों बताऊं… लिस्ट जारी होगी तो पढ़ लेना।” इस जवाब के बाद सीट पर उम्मीदवार को लेकर चर्चाएं और बढ़ गई हैं।

रामपुर शहर सीट आजम खां का मजबूत राजनीतिक गढ़ रही है। वह इस सीट से 10 बार विधायक चुने जा चुके हैं। उनके जेल जाने के बाद उनकी पत्नी तजीन फात्मा भी यहां से विधायक निर्वाचित हुई थीं। फिलहाल इस सीट पर भाजपा के आकाश सक्सेना विधायक हैं। आजम खां और उनके परिवार से जुड़े कई मुकदमों में आकाश सक्सेना शिकायतकर्ता की भूमिका में रहे हैं।

आजम खां ने नहीं मांगी कोई सीट: अखिलेश यादव
मुलाकात के दौरान सीटों की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि आजम खां ने उनसे किसी विधानसभा सीट की मांग नहीं की है। उन्होंने केवल कुछ सुझाव दिए, जिन्हें स्वीकार कर लिया गया। अखिलेश ने आजम खां के स्वास्थ्य को लेकर भी बात की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि आजम खां को जल्द न्याय मिलेगा।

इस मुलाकात के बाद अब सपा की चुनावी रणनीति और रामपुर सीट पर उम्मीदवार के चयन को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, प्रत्याशियों और गठबंधन के सीट बंटवारे को लेकर अंतिम तस्वीर पार्टी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *