मथुरा में नौ साल पुराने हत्याकांड में छह दोषियों को उम्रकैद, तीन सगे भाई भी शामिल
मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा में करीब नौ साल पुराने हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों में तीन सगे भाई भी शामिल हैं। जिला एवं सत्र न्यायाधीश विकास कुमार ने सभी पर 21 हजार 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिवराम तस्कर के अनुसार, मामला एक सितंबर 2016 का है। आझई खुर्द निवासी भूपन सिंह अपने भतीजों धीरु उर्फ धीरज और गोपाल के साथ वृंदावन के गांव बड़ौता निवासी पूरन सिंह के यहां गए थे। इसके बाद तीनों ने गोवर्धन की परिक्रमा की और देर रात गांव लौट रहे थे।
रात करीब दो बजे आझई गांव में चतुरी पंडित के खेत के पास पहले से घात लगाए हथियारबंद हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान धीरु उर्फ धीरज पर असलहे और फरसे से हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद भूपन सिंह ने वृंदावन थाने में गांव के तीन सगे भाइयों सत्तो, भंडारी उर्फ भूदेव और डूंगर को नामजद करते हुए तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना के दौरान चौमुहां निवासी धर्म सिंह उर्फ धर्मों और आझई खुर्द निवासी देवी सिंह व लाखन सिंह के नाम भी सामने आए। पुलिस ने उन्हें भी गिरफ्तार किया था। बाद में आरोपियों को अदालत से जमानत मिल गई।
मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय में हुई। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपियों को निर्दोष साबित करने का प्रयास किया, जबकि अभियोजन पक्ष ने पुलिस रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गवाहों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा।
अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर छह आरोपियों को हत्या का दोषी ठहराया। इसके बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश विकास कुमार ने सभी छह दोषियों को आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 21 हजार 500 रुपये का अर्थदंड लगाने का फैसला सुनाया।
