रेलवे अधिकारी बनकर सोना कारोबारी के कर्मचारी से ठगे दो किलो सोना, बरेली के तीन आरोपी गिरफ्तार
गयाजी। भभुआ रोड रेलवे स्टेशन पर अधिकारी बनकर सोना कारोबारी के कर्मचारी से करीब तीन करोड़ रुपये मूल्य का सोना ठगने के मामले में रेल पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। तीनों उत्तर प्रदेश के बरेली के रहने वाले हैं। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर 612.74 ग्राम सोना और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। हालांकि, ठगी किए गए सोने का बड़ा हिस्सा अभी बरामद नहीं हो सका है। पुलिस बाकी सोने की तलाश में छापेमारी और पूछताछ कर रही है।
रविवार को गया जंक्शन स्थित रेल थाने में आयोजित प्रेसवार्ता में रेल डीएसपी गुलशन कुमार ने बताया कि बरेली की संकल्प गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड के मालिक संजय कुमार खंडेलवाल के कर्मचारी संजीव चौहान के साथ यह घटना हुई थी। संजीव कंपनी का सोना लेकर कोलकाता गए थे और वहां से चंबल एक्सप्रेस से बरेली लौट रहे थे।
इसी दौरान 24 अक्टूबर को भभुआ रोड रेलवे स्टेशन पर दो व्यक्ति उनके पास पहुंचे। दोनों ने खुद को अधिकारी बताया और कर्मचारी पर अपना प्रभाव जमाकर उससे सोना और मोबाइल फोन ले लिया। आरोपितों ने उसे जेल भेजने और उसके मालिक के घर छापेमारी कराने की धमकी भी दी। भय के कारण कर्मचारी कुछ समझ पाता, उससे पहले ही दोनों आरोपी सोना लेकर फरार हो गए।
विशेष टीम ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेल पुलिस अधीक्षक, पटना के निर्देश पर विशेष टीम बनाई गई। तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना के आधार पर जांच की गई। इस अभियान में जीआरपी, आरपीएफ भभुआ, आरपीएफ सीआईबी डीडीयू और बरेली पुलिस को शामिल किया गया।
संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने रोहित कुमार (23), सचिन गंगवार (25) और वरुण कुमार (29) को गिरफ्तार किया। तीनों उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित नवादा शेखान के निवासी हैं। जांच में पता चला कि गिरफ्तार सचिन गंगवार सोना कारोबारी संजय कुमार खंडेलवाल के यहां 15 हजार रुपये मासिक वेतन पर काम करता था।
आरोपितों की तलाश में बिहार पुलिस की टीम कई दिनों तक बरेली में मौजूद रही। 28 अक्टूबर को पुलिस ने बारादरी थाना पुलिस और अधिकारियों से संपर्क किया। इसके बाद बारादरी क्षेत्र के नवादा शेखान से तीनों आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में एक महिला को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया।
पुलिस के अनुसार, कारोबारी के यहां काम करने वाले कर्मचारी को सोने की आवाजाही और अन्य जानकारियां थीं। इसी जानकारी के आधार पर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात की योजना बनाई। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य फरार आरोपितों और शेष सोने की बरामदगी के प्रयास कर रही है।
