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दिवाली से पहले झारखंड के 66.87 लाख गरीब परिवारों को मिलेगा धोती-साड़ी का लाभ, चार जिलों में वितरण शुरू

रांची। दिवाली के त्योहार से पहले झारखंड सरकार ने राज्य के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राहत देने की तैयारी तेज कर दी है। सरकार की सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में करीब 66.87 लाख पात्र परिवारों को वस्त्र उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए राज्य के चार जिलों चतरा, गोड्डा, जामताड़ा और लातेहार में वितरण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शुरुआती दो दिनों में ही लगभग 900 लाभार्थी योजना का फायदा उठा चुके हैं। बाकी जिलों में भी वितरण शुरू करने की तैयारियां की जा रही हैं।

इस योजना का लाभ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत पंजीकृत परिवारों को मिलेगा। इसके अंतर्गत प्रत्येक पात्र परिवार को रियायती दर पर एक साड़ी और एक धोती अथवा लुंगी दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य त्योहार से पहले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को जरूरी वस्त्र उपलब्ध कराकर उनकी मदद करना है।

वस्त्रों की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली और दूसरी छमाही के लिए मेसर्स मफतलाल इंडस्ट्रीज लिमिटेड को जिम्मेदारी सौंपी है। कंपनी की ओर से निर्धारित प्रखंड वितरण केंद्रों तक कपड़ों की खेप पहुंचाई जा रही है, जिससे लाभार्थियों को योजना का लाभ देने में देरी न हो।

वितरण व्यवस्था के साथ ही कपड़ों की गुणवत्ता पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। प्रशासन ने इसके लिए जांच के कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नियमों के मुताबिक, किसी भी प्रखंड में वस्त्रों की पूरी खेप पहुंचने के 48 घंटे के भीतर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को रैंडम सैंपल लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच करानी होगी।

प्रशासन के अनुसार, गुणवत्ता परीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वस्त्रों का वितरण किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि योजना के तहत मिलने वाले कपड़े निर्धारित मानकों के अनुरूप हों और सभी पात्र परिवारों को इसका लाभ मिल सके।

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