बच्चों का आधार बनवाने पहुंचे लोगों के नाम पर खुल रहे थे फर्जी बैंक खाते, दो डाककर्मी समेत चार गिरफ्तार
अंगूठे का निशान और फोटो लेकर NSDL Payments Bank में खाते खोलने का आरोप; साइबर अपराध की रकम इन्हीं खातों में मंगाई जाती थी
रामपुर। उत्तर प्रदेश के रामपुर में साइबर क्राइम पुलिस ने कथित तौर पर लोगों के दस्तावेज और बायोमेट्रिक जानकारी का दुरुपयोग कर फर्जी बैंक खाते खोलने वाले गिरोह का खुलासा किया है। मामले में दो डाक कर्मचारियों समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य बच्चों का आधार कार्ड बनवाने के लिए डाकघर या संबंधित केंद्र पर आने वाले लोगों का अंगूठा लगवाकर और फोटो लेकर उनके नाम से बैंक खाते खोलते थे।
बताया जा रहा है कि इन खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध से जुड़ी रकम मंगाने और बाद में एटीएम के जरिए पैसे निकालने के लिए किया जाता था। जिन लोगों के नाम पर खाते खोले जाते थे, उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं होती थी।
महाराष्ट्र पुलिस के नोटिस से खुला मामला
मामला तब सामने आया जब पसियापुरा जनूबी निवासी मधु को महाराष्ट्र पुलिस की ओर से डिजिटल अरेस्ट से जुड़े साइबर अपराध के मामले में नोटिस मिला। नोटिस में उनके नाम से जुड़े बैंक खाते में 1.70 लाख रुपये जमा होने का उल्लेख था।
मधु के मुताबिक, 20 जून को वह पंचायत घर में अपने बच्चे का आधार कार्ड बनवाने गई थीं। वहां किरा गांव के डाकघर में काम करने वाले मनीष और अजय ने आधार के ऑनलाइन आवेदन के नाम पर उनका अंगूठा लगवाया और फोटो खींची। दोनों ने कुछ दिन बाद आधार कार्ड का प्रिंट लेने की बात कही, लेकिन बाद में पता चला कि आधार कार्ड बना ही नहीं था।
पुलिस जांच में आरोप है कि इसी प्रक्रिया के दौरान दोनों ने मधु के नाम से NSDL Payments Bank का खाता खोल दिया। खाते में एटीएम और नेट बैंकिंग की सुविधा सक्रिय कर साइबर अपराध से जुड़ी रकम ट्रांसफर कराई गई और बाद में धनराशि निकाली गई।
दो अन्य साथियों की भी हुई गिरफ्तारी
एएसपी अनुराग सिंह के अनुसार, मामले की जांच के दौरान डाक कर्मचारी मनीष और अजय की भूमिका सामने आई। पूछताछ में उनके दो अन्य साथियों अनीस और आशुतोष के नाम भी सामने आए। इसके बाद पुलिस ने चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपितों ने इसी तरीके से कितने अन्य लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाए और उन खातों में साइबर अपराध से जुड़ी कितनी रकम का लेनदेन हुआ। मामले की जांच जारी है।
