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झारखंड के धालभूमगढ़ में दो सगी बहनों की हत्या से सनसनी, आरोपी भाई ने थाने पहुंचकर किया आत्मसमर्पण

धालभूमगढ़। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के धालभूमगढ़ प्रखंड के बबईदा गांव में दो सगी बहनों की हत्या का मामला सामने आने से इलाके में हड़कंप मच गया। सोमवार को हुई इस वारदात में उनके भाई स्वरूप टुडू पर हत्या करने का आरोप है। घटना के बाद आरोपी खुद धालभूमगढ़ थाने पहुंचा, जहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब हत्या के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है।

मृत महिलाओं की पहचान लक्ष्मी मुंडी (करीब 50 वर्ष) और दुलारी सोरेन (करीब 52 वर्ष) के रूप में हुई है। लक्ष्मी की शादी धालभूमगढ़ प्रखंड के बासाझोर गांव में, जबकि दुलारी की शादी घाटशिला प्रखंड के चड़ईगोड़ा गांव में हुई थी।

स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, स्वरूप टुडू ने घटना से पहले गांव में ओझा-गुणी को बुलाया था। उसने पूजा-पाठ में शामिल होने के लिए अपनी दोनों बहनों को भी आमंत्रित किया था। बताया जा रहा है कि धार्मिक अनुष्ठान के बाद दोनों बहनें सो रही थीं। इसी दौरान उन पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई।

प्रारंभिक जानकारी में वारदात के पीछे अंधविश्वास और तांत्रिक क्रियाओं से जुड़ा संदेह जताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक हत्या के वास्तविक कारण की पुष्टि नहीं की है।

दो महिलाओं की हत्या की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी धीरज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम गांव पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

थाना प्रभारी धीरज कुमार के अनुसार, आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि घटना के पीछे अंधविश्वास की भूमिका थी या आरोपी की मानसिक स्थिति से संबंधित कोई कारण था। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े किसी पहलू की पुष्टि चिकित्सकीय जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस अन्य संभावित कारणों और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है।

घटना पर पूर्व मुखिया शरबत मुर्मू ने दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रखंड प्रशासन की ओर से अंधविश्वास और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ पंचायत स्तर पर जागरूकता शिविर आयोजित किए जाते हैं। इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं सामने आना चिंता का विषय है।

उन्होंने ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में जागरूकता अभियानों को अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना है कि सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों को भी आगे आना होगा।

फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है। हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और अन्य परिस्थितियां जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।

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