चंडीगढ़ के बंग भवन और कालीबाड़ी में संधि पूजा की धूम, 108 कमल और 108 दीपों से हुई मां दुर्गा की आराधना
चंडीगढ़। शहर में दुर्गा पूजा के अवसर पर सोमवार को धार्मिक उत्साह और भक्तिमय माहौल देखने को मिला। सेक्टर-35 स्थित बंग भवन और सेक्टर-47 के कालीबाड़ी दुर्गा पूजा पंडाल में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संधि पूजा संपन्न हुई। इस दौरान मां दुर्गा की विशेष आराधना के लिए 108 कमल के फूल अर्पित किए गए और 108 दीप जलाए गए। पूजा में शामिल श्रद्धालुओं ने मां के समक्ष शीश नवाकर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की।
कोलकाता से मंगवाए गए कमल के फूल
बंग भवन में आयोजित पूजा के दौरान धार्मिक परंपराओं का विशेष ध्यान रखा गया। यहां के पुजारी सुनील कुमार चटर्जी ने बताया कि संधि पूजा के लिए कमल के फूल विशेष रूप से कोलकाता से मंगवाए गए थे। निर्धारित विधि के अनुसार मां दुर्गा को फूल अर्पित किए गए और दीप प्रज्वलित कर आरती की गई।
पूजा में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा। दोनों पूजा स्थलों पर बंगाली रीति-रिवाजों के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान किए गए।
अष्टमी और नवमी के संधिकाल में होती है पूजा
बंगाली परंपरा में संधि पूजा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह पूजा महाष्टमी के अंतिम 24 मिनट और महानवमी के शुरुआती 24 मिनट के संधिकाल में की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी समय मां दुर्गा ने राक्षसों का संहार किया था। इस घटना की स्मृति में संधि पूजा का आयोजन किया जाता है।
इस अनुष्ठान में 108 कमल के फूल अर्पित करने और 108 दीप जलाने की परंपरा निभाई जाती है। श्रद्धालु इसे शक्ति, भक्ति और बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक के रूप में देखते हैं।
पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया धार्मिक उत्सव
चंडीगढ़ के दोनों पूजा स्थलों पर संधि पूजा के आयोजन ने बंगाली संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की झलक पेश की। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना में भाग लेकर मां दुर्गा का आशीर्वाद मांगा। इस दौरान धार्मिक विधियों के साथ परंपराओं को आगे बढ़ाने और सामूहिक रूप से उत्सव मनाने का संदेश भी देखने को मिला।
