मुजफ्फरनगर में पति की हत्या के मामले में देवर-भाभी को उम्रकैद, 1.10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगा
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पति की हत्या के मामले में अदालत ने उसकी पत्नी और सौतेले भाई को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायालय एससी-एसटी एक्ट के पीठासीन अधिकारी डॉ. विजय कुमार तालियान ने दोनों दोषियों पर 55-55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, दोनों ने कथित अवैध संबंधों का विरोध करने पर युवक की गला घोंटकर हत्या की थी और शव को निर्माणाधीन शौचालय के गड्ढे में छिपा दिया था।
अभियोजन पक्ष के सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आशीष कुमार त्यागी के अनुसार, पुरकाजी क्षेत्र के मांडला गांव निवासी असलम ने 7 जून 2023 को साकर पुत्र फरीद के लापता होने की सूचना पुलिस को दी थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाली, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ी।
पुलिस ने 15 जून 2023 को मामले का खुलासा करते हुए साकर की पत्नी आसिया और उसके सौतेले भाई सुहैल को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर निर्माणाधीन शौचालय के गड्ढे से साकर का शव बरामद किया गया था। इसके बाद मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई।
अभियोजन के मुताबिक, सुहैल के सऊदी अरब से लौटने के बाद आसिया के साथ उसके कथित अवैध संबंध हो गए थे। 6 जून 2023 को साकर ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। आरोप था कि इसी बात को लेकर दोनों ने उसकी हत्या करने का फैसला किया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, रात में जब साकर चारपाई पर सो रहा था, तब सुहैल ने उसकी पत्नी की चुनरी से उसका गला कस दिया, जबकि आसिया ने उसके हाथ पकड़ रखे थे। युवक की मौत के बाद शव को निर्माणाधीन शौचालय के गड्ढे में डाल दिया गया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई चुनरी सहित अन्य साक्ष्य भी बरामद किए थे।
मामले की सुनवाई के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की रिपोर्ट महत्वपूर्ण साबित हुईं। पोस्टमार्टम में साकर के गले की हड्डी टूटी होने की बात सामने आई थी। इसके अलावा, चुनरी और मिट्टी से संबंधित फॉरेंसिक जांच को भी अभियोजन पक्ष ने अदालत में पेश किया।
अभियोजन ने अपने पक्ष को मजबूत करने के लिए 11 गवाह प्रस्तुत किए। हालांकि, इनमें से कुछ गवाह बाद में अपने बयानों से मुकर गए थे। इसके बावजूद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया।
मंगलवार को दोनों दोषियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने आसिया और सुहैल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर अलग-अलग 55 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया, जिससे कुल जुर्माना 1.10 लाख रुपये हो गया।
दोनों आरोपी 16 जून 2023 से जिला कारागार में बंद थे। अदालत के फैसले के साथ करीब तीन साल पहले सामने आए इस हत्याकांड में महत्वपूर्ण न्यायिक कार्रवाई पूरी हुई।
